दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश, जिसे हाड़ौती पठार (Hadoti Plateau) भी कहा जाता है, राजस्थान का सबसे अधिक वर्षा प्राप्त करने वाला तथा कृषि की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है।
यह प्रदेश मालवा पठार का उत्तरी विस्तार माना जाता है तथा इसका निर्माण मुख्यतः दक्कन ट्रैप (Deccan Trap) के बेसाल्टिक लावा प्रवाह से हुआ है।
राजस्थान में यदि किसी भौतिक प्रदेश को "सोयाबीन एवं चम्बल का प्रदेश" कहा जाए, तो वह हाड़ौती पठार है।
हाड़ौती पठार राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है।
| बिंदु (Point) | विवरण (Details) |
|---|---|
| भौगोलिक स्थिति (Location) | राजस्थान का दक्षिण-पूर्वी भाग |
| राज्य के क्षेत्रफल में भाग | लगभग 9% |
| औसत ऊँचाई (Elevation) | 250–500 मीटर |
| प्रमुख जिले (Districts) | कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ |
| आंशिक प्रभाव | चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ (संक्रमण क्षेत्र) |
हाड़ौती पठार का निर्माण करोड़ों वर्ष पूर्व हुए दक्कन ज्वालामुखीय उद्गारों से निकले बेसाल्टिक लावा के जमाव से हुआ है।
दक्कन ट्रैप विश्व के सबसे बड़े ज्वालामुखीय प्रांतों में से एक है। यह क्रीटेशस काल (लगभग 66 मिलियन वर्ष पूर्व) के अंत में हुए बड़े पैमाने के ज्वालामुखीय विस्फोटों से निर्मित हुआ।
✧ इसी कारण यहाँ काली मिट्टी (Black Soil) का विकास हुआ है।
हाड़ौती पठार की स्थलाकृति मुख्यतः —
| जलवायु तत्व (Climate Element) | विशेषता (Characteristic) |
|---|---|
| जलवायु प्रकार (Type) | उप-आर्द्र (Sub-Humid) |
| वर्षा (Rainfall) | राजस्थान में सर्वाधिक (75–100 cm) |
| तापमान (Temperature) | मध्यम (ग्रीष्म: 35°C–40°C, शीत: 10°C–20°C) |
| आर्द्रता (Humidity) | अपेक्षाकृत अधिक |
| ग्रीष्म (Summer) | गर्म (35°C–40°C) |
| शीत (Winter) | ठंडी (10°C–15°C) |
वितरण: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़
विशेषताएँ:
वितरण: झालावाड़, दक्षिणी कोटा
विशेषताएँ:
वितरण: कोटा, बूंदी
विशेषताएँ: मध्यम गहराई, अच्छी उर्वरता
वितरण: नदी घाटियों में
विशेषताएँ: उपजाऊ, सिंचाई के लिए उपयुक्त
हाड़ौती पठार की जीवनरेखा चम्बल नदी है। इसकी अनेक सहायक नदियाँ पठार को जल प्रदान करती हैं।
| नदी (River) | उद्गम (Origin) | प्रवाह क्षेत्र (Flow Area) | विशेषता (Specialty) |
|---|---|---|---|
| चम्बल (Chambal) | मध्य प्रदेश (जानापाव) | कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ | प्रमुख नदी, सिंचाई का आधार |
| कालीसिंध (Kalisindh) | मध्य प्रदेश | झालावाड़, कोटा | चम्बल की प्रमुख सहायक |
| पार्वती (Parvati) | मध्य प्रदेश | बारां, कोटा | चम्बल की सहायक |
| परवन (Parwan) | झालावाड़ | झालावाड़ | स्थानीय सिंचाई |
| उजाड़ (Ujad) | कोटा | कोटा | छोटी नदी |
| आहू (Ahu) | झालावाड़ | झालावाड़ | सहायक नदी |
वितरण: बारां, झालावाड़, कोटा के दक्षिणी भाग
प्रमुख वृक्ष:
✧ चम्बल मगरमच्छ एवं घड़ियाल के लिए प्रसिद्ध है।
स्थान: कोटा जिले का दक्षिणी भाग
✧ राजस्थान के टाइगर रिजर्व: रणथम्भोर, सरिस्का, मुकंदरा, रामगढ़ विषधारी
स्थान: चम्बल नदी (कोटा-धौलपुर)
हाड़ौती पठार राजस्थान का सर्वाधिक कृषि उत्पादक क्षेत्र है। काली मिट्टी एवं सिंचाई के कारण यहाँ गहन कृषि होती है।
हाड़ौती पठार में सिंचाई का अच्छा विकास हुआ है। चम्बल परियोजना इस क्षेत्र की प्रमुख सिंचाई परियोजना है।
स्थान: झालावाड़
✧ राजस्थान के 6 हिल फोर्ट्स में सम्मिलित
स्थान: कोटा
| जिला (District) | प्रमुख नदी (River) | प्रमुख फसल (Crop) | प्रमुख उद्योग/विशेषता (Industry/Specialty) | प्रमुख पर्यटन (Tourism) |
|---|---|---|---|---|
| कोटा | चम्बल | सोयाबीन, गेहूँ | उर्वरक, तापीय विद्युत, कोटा स्टोन | कोटा दुर्ग, मुकंदरा |
| बूंदी | चम्बल | सोयाबीन, सरसों | सीमेंट, हस्तशिल्प | बूंदी दुर्ग, तारागढ़ |
| बारां | पार्वती | सोयाबीन, गेहूँ | वन क्षेत्र, कृषि | शाहबाद वन |
| झालावाड़ | कालीसिंध | सोयाबीन, धनिया | संतरा उत्पादन | गागरोन दुर्ग |
"हाड़ौती — 4K + 4C"
| भ्रम (Confusion) | वास्तविकता (Reality) |
|---|---|
| हाड़ौती का सबसे बड़ा जिला — बूंदी | हाड़ौती का सबसे बड़ा जिला — कोटा |
| सर्वाधिक वर्षा — बारां | सर्वाधिक वर्षा — झालावाड़ |
| गागरोन दुर्ग — बूंदी | गागरोन दुर्ग — झालावाड़ |
| मुकंदरा — बूंदी | मुकंदरा हिल्स — कोटा |
| चम्बल की प्रमुख सहायक — बनास | चम्बल की प्रमुख सहायक — कालीसिंध एवं पार्वती |
"हाड़ौती पठार राजस्थान का सर्वाधिक जल एवं कृषि संपन्न भौतिक प्रदेश है।"
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RPSC में हाड़ौती क्षेत्र से बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न —